इब्न बतूता से लेकर मार्कोपोलो तक सभी ऐतिहासिक अन्वेषकों ने शताब्दियों से कोल्लम जिले के महत्व के बारे में बताए हैं। लंबी समुद्री रेखा के साथ यह देश के काजू व्यापार और प्रसंस्करण उद्योग का केंद्र है| इसे ऐतिहासिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण बंदरगाहों में गिना जाता रहा है जो कि ऐतिहासिक मसाला व्यापार के अंग थे।
इसकी लगभग तिहाई क्षेत्रफल पर अष्टमुडी झील पसरा हुआ है जो केरल के अद्भुत बैकवार्ट्स का प्रवेशद्वार है। हाउसबोट लीजिए और खूबसूरत लैंडस्केप में विहार करते हुए उस दुनिया में प्रवेश कर जाइए जहां प्रकृति हमारे जीवन में केंद्रीय स्थान रखती है। इस रास्ते आठ घंटे की यात्रा कर आलप्पुष़ा पहुंचा जा सकता है जो केरल के सबसे खूबसूरत और सुरम्य स्थलों में से एक है।
कभी क्वीलोन कहलाने वाले कोल्लम के दूसरे कई आकर्षण भी हैं। लोग अष्टमुडी बैकवाटर्स के साथ-साथ तेनमला ईकोटूरिज्म सेंटर, पालरुवी जलप्रपात (पालरुवी वाटरफॉल्स), जटायुपारा और आलुमकड़व भी देखना पसंद करते हैं। यहां आपको केरल शैली के कुछ बेहतरीन और भव्य मंदिर भी मिल जाएंगे। ये कोल्लम के गौरवशाली अतीत के महत्वपूर्ण अवशेष हैं। कोल्लम, तिरुमुल्लावरम और तंगशेरी जैसे नजदीकी बीचों पर जाकर आप सुकून के कुछ अविस्मरणीय पल बिता सकते हैं।
नजदीकी रेलवे स्टेशन: कोल्लम |
नजदीकी एयरपोर्ट: तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लगभग 66 कि.मी. |
अक्षांश: 8.892983, देशांतर: 76.611522
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